एग्जामिनेशन हॉल

आज खामोश होकर वो मुझे देखती ही रही। जैसे अभी-अभी, नया सा बाली उमर का प्यार हो।। कितने सवाल थे मेरे दिल में उससे पूछने को। पर वो कुछ न बोली, कहा चुप रहो बस प्यार हो। मैं उसको बाँहों में थामे, उँगलियों से छेड़ते ये सोचता रहा ये वही #कलम है जो अक्सर #कुछ_न_कुछ […]

C + + प्रोग्राम नहीं….

जीवन में बेफिक्री तो है, पर आराम नहीं। हो सकता है बुरे हों हम, पर बदनाम नहीं।। पॉइंटर, गिनतियाँ, ग्रेड्स,….राह बदल देंगे। लेकिन मंजिल बदलना, ये इनका काम नहीं।। तुम्हारेTRUE को सच मानें, तेराFALSE गलत। हम भी इंसान हैं, C + + (प्लस) प्रोग्राम नहीं।।