अल्फ़ाज़ मेरे होंगे….

1. अक्षर अक्षर लिखा तुमको, मैंने एक डायरी में। मैं अक्सर जो कहता तुमसे, कविता और शायरी में। बिना सुरों का बिना ताल का, मैं इक गीत बेचारा था। होठों की सरगम से छूकर, तुमने जिसे सँवारा था। तुमसे मिलकर गीत लिखे कुछ, बस यही सोचकर मैंने……….. शायद मेरे इन गीतों में, कुछ साज तेरे […]