अल्फाज़ तेरे मेरे

  अल्फाज़ तेरे मेरे….. अक्सर ही अकेले में….. चोरी से चुपके से…… कुछ बातें करते हैं……. कि ख्वाब तेरे मेरे…… तनहा सी रातों में…… आसमां के नीचे…… मुलाकातें करते हैं…… देखा है हमने भी…… आँखों के कोनों से…… ये नैन तेरे मुझ बिन……. बरसातें करते हैं……. चोरी से चुपके से……. कुछ बातें करते हैं…….