बिखरने के लिये…

लड़कियों से कम नहीं होती लड़कों की दिक्कतें. हाँ, पर लड़कियों जैसी नहीं होती लड़कों की दिक्कतें. जिस्म को छुपाना नहीं होता, उतना समाज की अतार्किक पाबंदियाँ भी नहीं होतीं. लड़के रो नहीं सकते, क्यों? लिंग के आधार पर, भावनाएँ बँट गयीं क्या? लड़कों की मुस्कुराहट उतनी दिलकश नहीं होती. दर्द भी तो नहीं दिखता, […]